देश प्रगति की राह पर है. परन्तु, कुछ शक्तियाँ इसके विकास में बाधक बन रही है कही आतंकवादी गतिविधियाँ तो कही किसान आन्दोलन, कही जातीय विद्वंश तो कही साम्प्रदायिकता का जहर हमारे विकास को अवरुद्ध कर रहे है. राजनितिक हिंसाओं का दौर चल पड़ रहा है. लाख प्रयत्न के बावजूद महिला उत्पीडन पर रोक नहीं लग पा रही है. पूंजीवादी व्यवस्था वाले लोग बैंकों को खाली कर भाग रहे है. वही गरीबों तक सरकार की सारी सुविधाएँ पहुँच नहीं पा रही है. धर्मगुरुओं के प्रति नाराजगी का माहौल है. पत्र-पत्रकारिता का दौर भी तेजी पर है ऐसे परिस्थिति में देश के सभी वर्गों से राष्ट्रहित पर विचार साझा करने के लिए राष्ट्रीय चेतना यात्रा 2018 का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें चुनिन्दा 40 युवा देश के चुनिन्दा धर्मगुरु, राजनेता, साहित्यकार, पत्रकार तथा कलाकार के साथ सामान्य वर्गों से संवाद स्थापित करेंगे. चम्पारण के मोतिहारी से यह यात्रा 23 नवम्बर को प्रारम्भ होकर उत्तर प्रदेश, उतरांचल, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए प० बंगाल होकर पटना (बिहार) में 16 दिसंबर को समाप्त होगी.

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